अपराध ही नहीं जानलेवा बीमारियों की गुत्थी भी सुलझाएंगे फिंगरप्रिंट

नई दिल्ली: लंबे समय से अपराधों को हल करने के लिए उपयोग किए जाने वाले उंगलियों के निशान, किसी भी लक्षण दिखाई देने से पहले रोगियों के खतरे में लोगों को नीचे ट्रैक करने में मदद कर सकते हैं.
उंगलियों के निशान
शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि फिंगरप्रिंट्स की सहायता से मधुमेह, अल्जाइमर, ल्यूकेमिया, नपुंसकता, अवसाद जैसे रोगों का पता लगाया जा सकता है.
नए शोध से पता चलता है कि एक विशिष्ट प्रकार के उंगलियों के निशान वाली महिलाओं में कैंसर का जोखिम अधिक हो सकता है.
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वैसे तो उंगलियों के निशान यूनीक होते हैं. ये सिर्फ समान डीएनए को साझा करने वाले लोगों में ही मिलते-जुलते हैं. शोधकर्ताओं के अनुसार गर्भावस्था के 11 वें और 24 सप्ताह के बीच भ्रूण की उंगलियों पर अनूठा पैटर्न बनता है.
किन बीमारियों का पता लगाना संभव
हृदय रोग: अध्ययन के अनुसार कोरोनरी हृदय रोग (सीएचडी) वाले पुरुषों की एक विशिष्ट प्रकार की फिंगरप्रिंट पैटर्न होने की संभावना है. वैज्ञानिकों ने 250 पुरुषों पर किये गए शोध में पाया कि जिन लोगों को ये बीमारी थी उनके फिंगरप्रिंट्स में ख़ास जगहों पर अधिक लकीरें थीं.
चीन में निंग्सिया मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है, ‘गर्भावस्था की गंभीर अवधि में होने वाले कारक दिल के विकास और उंगलियों और हथेलियों के लकीर को प्रभावित कर सकते हैं।’
कैंसर: नवीनतम अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने स्त्रीरोग कैंसर के पीड़ित 300 महिलाओं के उंगलियों के निशान की जांच की और स्वस्थ महिलाओं के साथ उनकी तुलना की. रिपोर्ट में पता चला कि कैंसर वाली महिलाओं के फिंगरप्रिंट में एक अलग पैटर्न था.
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एक अन्य अध्ययन में, क्रोएशिया में यूनिवर्सिटी अस्पताल ज़गरेब के डॉक्टरों ने पाया कि पिट्यूटरी ग्रंथि के कैंसर वाले लोगों में विशिष्ट क्षेत्रों में छोटे-छोटे उभरे हुए उंगलियों के निशान हैं.
बर्मिंघम प्रोस्टेट क्लिनिक के सलाहकार एलन डोहर्टी के अनुसार, ‘फिंगरप्रिंट आनुवंशिक रूप से निर्धारित हैं कैंसर का विकास तब होता है जब आनुवांशिक दोष होते हैं. इसलिए यह आश्चर्यजनक नहीं है. संभावना है कि एक फिंगरप्रिंट चिकित्सक को प्रोस्टेट कैंसर का निदान होने के जोखिम में एक अंतर्दृष्टि प्रदान कर सकता है.
मधुमेह: जीन और पर्यावरणीय प्रभावों को मधुमेह के विकास में शामिल माना जाता है, शोधकर्ताओं ने टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह दोनों प्रकार के लोगों के बाएं और दाएं हाथ के उंगलियों के निशान में महत्वपूर्ण अंतर पाया है.
दंत रोग: खराब दांत वाले बच्चों में अलग-अलग फिंगरप्रिंट पैटर्न होते हैं जो समकालीन चिकित्सकीय प्रैक्टिस जर्नल में एक अध्ययन के अनुसार नहीं करते हैं.
भारत में पैसिफिक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 5 से 12 की आयु के 400 बच्चों के फिंगरप्रिंट की तुलना की. नतीजे बताते हैं कि बुरे दांत के साथ उनके फिंगरप्रिंट्स में अधिक व्रोल पैटर्न और कम लकीरें थीं.

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(साभार :  संवाददाता  / एजेन्सी / अन्य न्यूज़ पोर्टल )

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