पूर्व विधायक श्री गुरुशरण छाबड़ा साहब की शहादत का अपमान नहीं सहूँगी -पूनम अंकुर छाबड़ा

जस्टिस फ़ॉर छाबड़ा संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम अंकुर छाबड़ा के जयपुर निवास पर संगठन की एक बैठक रखी गई जिसमें संगठन की सर्वसहमति से विशाल भारद्वाज को प्रदेश संगठन मंत्री के पद पर मनोनीत किया गया।
साथ ही संगठन की सर्वसहमति से कई बातें सामने आई सरकार के साथ में पूनम अंकुर छाबड़ा द्वारा दो बार अनशन किया गया था उस समय हुए समझौतों पर भी गहन चिंतन किया गया व समझोते को पूर्ण करवाने की चर्चा की गयी।
पूनम अंकुर छाबड़ा ने कहा कि सरकार ने शहीद श्री गुरुशरण छाबड़ा साहब के बलिदान को दरकिनार करने का काम किया है सरकार की अनदेखी के कारण ही छाबड़ा साहब शहीद हो गए।
आदरणीय छाबड़ा साहब ने जो शराबबन्दी आंदोलन चला रहे थे उसी आंदोलन के क्रम में आज हम प्रदेश के हर गाँव गाँव ढ़ानी में जाकर जनता को जागरूक करने का काम करते है और जनता भी चाहती है कि प्रदेश में शराबबन्दी हो लेकिन सत्ता में विराजित लोग नही चाहते कि शराबबन्दी हो।
छाबड़ा ने प्रदेश की सरकार पर जोर डालते हुए कहा कि शहीद श्री गुरुशरण छाबड़ा जी के साथ हुए समझौतों में से कुछ की क्रियान्विति कर दी गई थी, अब राज्य सरकार उनको भी खत्म करने का काम कर रही है छाबड़ा साहब ने प्रदेश की जनता के उज्ज्वल भविष्य के लिए शहादत दी थी।
इससेशराबबंदी समर्थकों में भारी रोष है अब आर पार का समय है आंदोलन की नई रणनीति बनाई जा रही, अगर समय पर सरकार इस मुद्दे पर निर्णय नहीं लेगी तो विधानसभा घेराव के साथ साथ पूनम अंकुर छाबड़ा के नेतृत्व में सम्पूर्ण संगठन अनशन पर बैठेगा, इस हेतू सरकार से एक बार वार्ता का प्रयास किया जाएगा, नहीं तो आमरण अनशन की घोषणा करी जायेगी।

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